नई दिल्ली: बैंकों द्वारा जब्त की गई संपत्तियों की नीलामी को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के उद्देश्य से वित्तीय सेवा विभाग ने “बैंकनेट” नामक एक नया ई-नीलामी पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल 3 जनवरी, 2025 को शुरू किया गया और इसका मुख्य उद्देश्य गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) की बिक्री को आसान और प्रभावी बनाना है। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस नए पोर्टल की जानकारी दी।
बैंकनेट पोर्टल सार्वजनिक क्षेत्र के सभी 12 बैंकों और भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) के सहयोग से विकसित किया गया है। यह पोर्टल बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे संपत्ति नीलामी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और दक्ष बन सकेगी।बैंकनेट एक अत्याधुनिक डिजिटल मंच है, जो बैंकों और ऋणदाताओं को उनकी जब्त संपत्तियों की नीलामी में पारदर्शिता और दक्षता लाने में मदद करेगा। यह पोर्टल मोबाइल और वेब दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा, जिससे उपयोगकर्ता किसी भी समय और कहीं से भी नीलामी में भाग ले सकते हैं। यह प्रणाली स्वचालित केवाईसी सत्यापन और सुरक्षित भुगतान गेटवे से लैस है, जिससे नीलामी प्रक्रिया न केवल पारदर्शी बनेगी, बल्कि खरीदारों के लिए सुरक्षित भी होगी।
इस पोर्टल के माध्यम से संपत्ति सूचीकरण से लेकर बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे संपत्ति की खोज करना और नीलामी में भाग लेना आसान होगा। पोर्टल स्मार्ट नीलामी तंत्र का उपयोग करता है, जिससे संपत्तियों का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, इसमें बैंक सत्यापित शीर्षक की सुविधा है, जिससे खरीदारों को भरोसेमंद और कानूनी रूप से मान्य संपत्तियाँ प्राप्त होंगी।
बैंकनेट की प्रमुख विशेषताएँ
- नवाचार और तकनीकी उन्नति: यह एक उच्च तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म है, जो बैंकों और ऋणदाताओं के लिए संपत्ति नीलामी को कुशल बनाने में मदद करेगा।
- सुविधाजनक उपयोग: यह पोर्टल मोबाइल और वेब दोनों इंटरफेस के माध्यम से उपलब्ध होगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव मिलेगा।
- सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया: पोर्टल में स्वचालित केवाईसी और सुरक्षित भुगतान गेटवे की सुविधा होगी, जिससे नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।
- संपत्ति सूचीकरण और उचित मूल्य निर्धारण: स्मार्ट नीलामी प्रणाली के माध्यम से संपत्तियों का सही मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे खरीदारों को सही कीमत पर संपत्ति मिलेगी।
- बैंक सत्यापित शीर्षक: सभी सूचीबद्ध संपत्तियों के दस्तावेज बैंकों द्वारा सत्यापित होंगे, जिससे खरीदारों को धोखाधड़ी से बचाव मिलेगा।
बैंकनेट पोर्टल के माध्यम से जनता को कई लाभ होंगे। सबसे बड़ा फायदा पारदर्शिता और भरोसेमंद लेन-देन का होगा, जिससे खरीदारों को कानूनी रूप से स्वीकृत संपत्तियाँ आसानी से उपलब्ध होंगी। आम जनता के लिए संपत्तियों की जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। यह पोर्टल छोटे निवेशकों के लिए भी फायदेमंद होगा, क्योंकि वे उचित मूल्य पर संपत्तियाँ खरीदने में सक्षम होंगे।
इसके अलावा, एनपीए से जुड़ी संपत्तियों की बिक्री में तेजी आने से बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, जिससे उन्हें नए ऋण देने में आसानी होगी। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता आएगी। बैंकनेट पोर्टल का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इससे बैंकों के फंसे हुए कर्ज (NPA) की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी। बैंकों की जब्त संपत्तियाँ अक्सर उचित खरीदार न मिलने के कारण वर्षों तक बिक नहीं पाती थीं, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में वित्तीय अस्थिरता बनी रहती थी। लेकिन अब इस नए डिजिटल पोर्टल के जरिए संपत्तियाँ तेजी से बेची जा सकेंगी और बैंकों को उनका बकाया धन वापस मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकनेट के जरिए बैंकों की आय में सुधार होगा और नई ऋण योजनाओं को लागू करने में आसानी होगी। साथ ही, डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि बैंकनेट पोर्टल के जरिए बैंकों की परिसंपत्तियों की बिक्री प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए और इसे देश भर में सुगम बनाया जाए। इससे न केवल बैंकिंग क्षेत्र को लाभ मिलेगा, बल्कि आम जनता के लिए भी संपत्तियाँ खरीदने की प्रक्रिया आसान होगी। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह पोर्टल सफल रहा, तो इससे बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी ।